परासरण दाब मापने की वर्कले हार्टले विधि को समझाइए ?
परासरण दाब मापने की वर्कले हार्टले विधि मे कोपर फेरो सायनाइड की पतली झिल्ली जमा दी जाती है जो अध्रपारगम्य झिल्ली का कार्य करती है | 2 Cuso 4 + K 4 [Fe (CN) 6 ] ➞ cu 2 [Fe (CN) 6 ] + 2K 2 SO 4 इस पात्र मे शुद्ध जल भरा होता है जिसका परासरण दाब ज्ञात करना होता है, इसमें एक पिस्टन और दाब मापने का यन्त्र भी लगा होता है, और साथ मे केशिका नली जुडी रहती है | अध्रपारगम्य झिल्ली के दोनों तरफ विलयन भरा होता है और मध्य मे जल भरा होता है जिसका परासरण दाब ज्ञात करना है | प्रयोग करते समय केशिका नली मे जल का स्तर ज्ञात कर लेते है और पिस्टन द्वारा धीरे धीरे विलयन पर दाब आरोपित किया जाता है, जिससे विलयन का जल परासरण के कारण जल मे आने लगता है , जिससे जल का स्तर बढ़ जाता है और बढे हुए जल के स्तर को किशिका नली मे ज्ञात कर लिया जाता है जिसे विलयन का परासरण दाब कहते हैं |